यस बैंक के ग्राहक परेशान, सरकार बोलीपैसे डूबने नहीं देंगे

 नई दिल्ली: संकट में घिरे यस बैंक से 50 हजार रुपये तक ही निकालने की लिमिट तय होने के बाद देशभर में ग्राहक अपना ही पैसा निकालने के लिए परेशान होते रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। बैंक पर सरकार की 2017 से नजर थी। यस बैंक के नए प्रशासक प्रशांत कुमार ने उम्मीद जताई कि 30 दिन के अंदर समाधान ढूंढ लिया जाएगा। रिजर्व बैंक ने यस बैंक को बचाने के रिवाइवल प्लान का मसौदा पेश किया। इसके तहत बैंक का पुनर्गठन होगा। स्टेट बैंक ने 49% शेयर खरीदने की इच्छा जताई है। बैंककर्मियों की नौकरी एक साल तक नहीं जाएगी। बता दें, सरकार ने यस बैंक से एक महीने में 50 हजार रुपये निकालने की सीमा तय की है, चाहे खाते कितने भी हों। हालांकि इलाज, उच्च शिक्षा, शादी और किसी इमरजेंसी की स्थिति में प्रशासक की मंजूरी से 5 लाख रुपये तक निकाले जा सकेंगे।



निवेशकों के 3.28 लाख करोड़ डूबे


कोरोना को लेकर बढ़ती चिंता यस बैंक जैसी वजहों से सेंसेक्स एक वक्त 1,459 पॉइंट तक गिर गया। बाद में संभलकर 894 अंक पर बंद हुआ। निवेशकों के 3.28 लाख करोड़ डूब गए । यस बैंक शेयर 56 पर्सेट गिर गए।